Watchmen Web Series Poster

सुपर हीरो की दुनिया में नस्लवाद: ‘वॉचमेन’ की समीक्षा

31 मई 1921 की बात है, जिला ग्रीनवुड (Greenwood district) के ओक्लाहोमा (Oklahoma) में स्थित टुल्सा (Tulsa) के एक सिनेमाघर में एक बच्चा फ़िल्म देख रहा है. फ़िल्म का नायक एक नकाबपोश काला हीरो है. जो गोरों की जान बचाता है, सभी उससे प्यार करते हैं. बच्चा उस हीरो को देख कर फ़िल्म का आनंद ले रहा होता है कि तभी उसका पिता (जो प्रथम विश्वयुद्ध का एक सैनिक है) अपने हाथ में बंदूक लिए सिनेमाघर में आता है. वह अपनी बीवी को इशारा करता है. वह उस बच्चे को गोद में उठा लेता है. बच्चे का पिता अपनी बीवी से कहता है कि हमें निकलना होगा.

A still from the web series – Watchmen

सिनेमाघर के बाहर बहुत ही भयानक मंज़र है. गोरे लोग अफ्रीकी मूल के काले लोगों की हत्याएं कर रहे हैं. उनके घरों और दुकानों को जला रहे हैं. एयरप्लेन से भी गोलियां और बम बरसाए जा रहे हैं. काले लोगों की लाशों को गाड़ियों से बांध कर घुमाया जा रहा है. लड़के का पिता किसी तरह अपने दोस्त के पास पहुंचता है. उसका दोस्त अपनी बीवी और छोटी बच्ची के साथ शहर छोड़ कर भाग रहा है. गाड़ी में सभी के लिए जगह नहीं है इसलिए लड़के का पिता अपने दोस्त को अपने बच्चे को सौंपते हुए कहा है बस इसको बचा लो’. बच्चे को एक संदूक में छुपा दिया जाता है ताकि कोई उसे देख न पाए. गाड़ी शहर से बाहर निकलने की कोशिश करती है. गोरे लोग गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां चलाते हैं. बच्चा संदूक के अंदर गोलियों से बने हुए सुराख़ से बाहर देखता है. गोरे उसके मां-बाप को मार देते हैं. गाड़ी जैसे जैसे शहर से बाहर की ओर निकलती है. काले लोगों की लाशों पर नाचते गोरे गिद्ध नज़र आते हैं. फिर एक धमाका होता है. लड़के को जब होश आता है तो वह खुद को ज़मीन पर पाता है. एक छोटी बच्ची की आवाज़ सुनाई देती है. यह वही बच्ची है जिसके साथ वह गाड़ी से निकला था. बच्चा उस छोटी बच्ची को अपनी गोद में उठता है. सामने टुल्सा जल रहा होता है. गाड़ी में बच्ची का परिवार मरा पड़ा होता. पूरा दृश्य एक मासूम बच्चे की आंखों से दिखाया गया है. टुल्सा में 18 घंटे ये नरसंहार चलता है. 300 लोग मारे जाते हैं. 1000 घरों को आग लगा दिया जाता है. यह दृश्य वॉचमैन सीरीज़ का पहला दृश्य है. जो एक त्रासदी से शुरू होता है. 

ये नरसंहार क्यों हुआ? क्या इसलिए कि किसी काले युवक (Dick Roland) ने किसी गोरी महिला का बलात्कार किया होता है? नहीं-नहीं, बात इतनी आसान नहीं है. टुल्सा (Tulsa) मध्यवर्गीय अफ्रीकी मूल निवासियों का शहर था. जो शायद अमेरिका में काले लोगों के रहने की सबसे महफूज़ और शानदार जगह थी. उनकी संपन्नता गोरों के आंखों को खलती थी. वह काले लोगों को अमेरिका में उनका स्थान/औक़ात बताना चाहते थे. किसी गोरी महिला का रेप तो बस बहाना था ताकि उनकी भड़ास निकल सके. ये बात सिर्फ 1921 के अमेरिका के टुल्सा  तक सीमित नहीं है. आप गौर करें किसी भी देश की शोषित जाति के बारे में जब अपराधी किसी शोषित जाति का होता है तो वह अपराध उसके पूरे समुदाय पर थोप दिया जाता है. भारत में यह हमने 1984-2002 में  देखा ही है. अमेरिका में काले लोगों के खिलाफ ज़हर भरने में वहां की मीडिया और सिनेमा ने खूब मदद किया था. इसकी वजह भी साफ़ है मीडिया में शोषित समाज का प्रतिनिधित्व नगण्य होता है. यही वजह है कि मीडिया शोषकों का हथियार बन जाती है. फिल्में एक बड़ा हथियार होती हैं. जिनके द्वारा नस्ल-जाति धर्म की सर्वोच्चता पर मनगढ़ंत तथ्यों पर आधारित काल्पनिक कहानियों के माध्यम से लोगों के विचारों को ज़हरीला बनाया जाता है. 1915 में आई डायरेक्टर डब्ल्यू. डी. ग्रिफिथ की ‘द बर्थ ऑफ अ नेशन’ ने ‘गोरों की संप्रभुता’ को ज़िंदा कर दिया था. इसने ‘कू क्लक्स क्लान’ के हत्यारे को हीरो बना दिया. जिसका नतीजा टुल्सा (Tulsa)  का नरसंहार था. टुल्सा (Tulsa) नरसंहार से पहले ही अमेरिका में काले लोगों को लिंच (Lyunch) किया जा रहा था. लगातार भीड़ द्वारा किसी व्यक्ति की हत्या करना इस बात का सूचक है कि अब इस समाज में लिंचिंग (Lynching) सामान्य हो गई है अब यहाँ जन नरसंहार होगा. 

A still from the web series – Watchmen

अबतक आपको अंदाज़ा लग गया होगा कि DC कॉमिक्स के सुपर हीरो वाली सीरीज़ ‘वॉचमैन’ आप के बच्चों के साथ बैठ कर अवेंजर्स, थोर, आयरनमैन जैसे सुपर हीरो की कहानी देखने से बहुत अलग है. ‘वॉचमैन’ (Watchmen) कॉमिक्स को 1987 में एलन मूर (Alan Moore) और देव गिब्बंस) Dave Gibbons ने क्रिएट किया था. डैमन (Damon Lindelof)  ने इस सीरीज़ को 2019 में HBO पर प्रकाशित किया है. ये सीरीज़ कई मामले में और सुपर हीरो से अलग है. इस सीरीज़ के पहले दृश्य पर फिर आते हैं. इस दुनियां में Tulsa में 18 घण्टों तक मासूमों को मारा जा रहा था. उनका घर जलाया जा रहा था. उनकी इज़्ज़त लूटी जा रही थी. उस वक़्त न वहां पुलिस आती है उनको बचाने न आर्मी न कोई सुपर हीरो. अमेरिकी सुपर हीरो भी दुनिया को तभी बचाते हैं जब उन्हें गोरो को बचाना होता है. सिर्फ कालों को बचाने के लिए वह अपना कीमती वक़्त ज़ाया नहीं करते. गोरे सुपर हीरो जब दुनियां के सभी अपराधियों से लड़ कर बोर जो जाते हैं तब वे अंतरिक्ष से एलियन बुला कर लड़ते हैं. पर कोई गोरा सुपर हीरो रंगभेद, नस्लवाद के ख़िलाफ़ लड़ता नज़र नहीं आता. वॉचमैन  सीरीज़ का प्रतीक चिन्ह (symbol) एक स्माइली (smiley) है जिसपर खून की एक बूंद गिरी है. यह प्रतीक चिन्ह (symbol)  बताता है कि- नहीं! सब ठीक नहीं है!! इस चमकीली दुनियां के मुंह पर मज़लूमों का खून लगा हुआ है. जिसपर कोई बात नहीं होती. आप गूगल कर के देखें, क्या टुल्सा (Tulsa) के हत्यारों को सज़ा हुई? क्या सरकार ने काले लोगों की प्रॉपर्टी का हर्जाना दिया? क्या ईंशयोरेंस कंपनियों ने कंप्लेंट स्वीकार किया? क्या टुल्सा (Tulsa)  नरसंहार के बाद काले लोगों पर अत्याचार रुक गया? क्या अमेरिकी इतिहास में इस नरसंहार को दर्ज किया गया? आप पाएंगे ऐसा नहीं हुआ. अमेरिकी नस्लवाद का उदाहरण इस बात से भी मिल जाएगा कि ‘वॉचमैन’ (Watchmen)  की इस श्रृंखला (Series) की राटन टोमेटोस (Rotten Tomatoes) पर ‘ऑडियंस अप्रूवल स्कोर रेटिंग’ (audience approval score rating) 46% है जबकि इसका ‘क्रिटिकल अप्रूवल रेटिंग’ (critic approval rating) 96% है. ऐसा क्यों है यह बताना न होगा.

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अब हम ‘वॉचमैन’ (Watchmen)  की कहानी पर आते है. यहाँ सबसे पहले इस बात को समझ लें कि “समानांतर ब्रह्माण्ड” के सिद्धांत की खोज हो चुकी है. अब मानव जाति इस बात से अवगत है कि हर संभावना का अपना एक भविष्य होता है और हर सम्भावना अलग-अलग ब्रह्माण्ड में घटित होती हैं. जैसे अभी आप मेरा लेख पढ़ रहे हैं किसी दूसरे ब्रह्मांड में आपने ये लेख पहले ही पढ़ लिया है. किसी तीसरे ब्रह्माण्ड में आपको इस लेख के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है. अब हम इस फ़िल्म और सीरीज़ में जो पृथ्वी देख रहे हैं. वह इन्ही किसी समांतर ब्रह्माण्ड में से एक है. इस ब्राह्मण में अमेरिका वियतनाम युद्ध जीत चुका है और वियतनाम अब अमेरिका का एक स्टेट है. वैसे तो ये सीरीज़ 2008 में आई फ़िल्म ‘वॉचमैन’ (Watchmen)  से अलग है पर आपको ‘वॉचमैन’ (Watchmen)  को समझने के लिए इस फ़िल्म के प्लाट को समझना होगा. फ़िल्म 1980 के दशक को दिखाती है. जहाँ अमेरिका और रूस में कोल्ड वॉर चला रहा है. अमेरिका में कुछ नकाबपोश vigilante justice कर रहे हैं. उनमें से Nite owl और Silk Specter ये दोनों दूसरे विश्वयुद्ध के बाद बने सुपर हीरो के ग्रुप Minutemen के सदस्यों का नाम होता है. Silk Specter को Minutemen का एक दूसरा राष्ट्र्वादी सुपर हीरो Comedian रेप करता है. उसके बाद उसकी एक बच्ची पैदा होती है जिसका नाम Laurie होता है. जो बाद में Silk Specter बनती है. Nite owl एक स्पेक्टर होता है जबकि बाद वाला Nite Owl 2nd मेकैनिक होता है. जो अपने हथियारों से अपराध रोकना चाहता है. Ozymandias दुनिया का सबसे बुद्धिमान, अमीर, मास्टरमाइंड होता है. इसकी विचारधार उपयोगितावाद पर आधारित होती है अर्थात अगर कम लोगों को नुकसान पहुंचा कर अधिक लोगों को बचाया जा सके तो इसमें कोई बुराई नहीं है. Rorschach एक हिंसक, सनकी जासूस होता है. दिन में मज़दूर होता है और रात में सुपर हीरो. Rorschach black-and-white morality पर यकीन रखता है. चीज़े या तो गलत होती हैं या फिर सही और गलत या सही का निर्धारण वह खुद करता हैं जैसे सिल्क स्पेक्टर का कॉमेडियन द्वारा रेप को वह गलत नहीं मानता क्योंकि उसका मानना होता है कि कॉमेडियन राष्ट्र्वादी है जबकि सिल्क स्पेक्टर एक वेश्या है. Rorschach का signature mask उसकी इसी हक़ीक़त को बयान करता है. जिस नकाब को बाद में Seventh Kavalry के गोरे नस्लवादी अपनाते हैं. इनमें से सिर्फ Dr Manhattan (Jon Osterman) के पास ही सुपर पॉवर है. वह किसी भी चीज़ को कहीं भी ट्रांसपोर्ट कर देता है. किसी भी एटम का कोई भी शेप बना देता है. नया जीवन क्रेट कर सकता है. एक साथ भूत, भविष्य और वर्तमान में रह सकता है. आसान भाषा में यह पृथ्वी पर ईश्वर है. पर उसके अंदर मानवीय संवेदना नहीं है. बाकी के सारे watchmen साधारण इंसान हैं. जो अपनी निजी जिंदगी में बिखरे, टूटे उलझे हुए हैं. Dr Manhattan की वजह से अमेरिका तकनीक में बहुत तरक्की करता है पर इससे रूस बहुत डर जाता है. वह लगातार परमाणु हथियार बनाने लगता है. परमाणु युद्ध का तनाव अपने चरम पर है. किसी भी वक़्त दुनियां तबाह हो सकती है. ऐसे में दुनियां का सबसे समझदार इंसान ozymandias (Adrian Veidt) के दिमाग में प्लान आता है. वह रूस और अमेरिका को एक करने के लिए एक एलियन अटैक करवाता है जो genetically engineered giant squid monster होता है. जिसमें अमेरिका के 30 लाख लोग मारे जाते हैं. रूस और अमेरिका इस अनदेखे खतरे से लड़ने के लिए एक हो जाते हैं.

अब कहानी 1980 से 2019 में आती है. जहां से ये सीरीज़ शुरू होती है. अब अमेरिका में ‘विजिलेंटी जस्टिस’ (vigilante justice) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि कोई भी ऐरा-गैरा नकाब पहन कर अपनी सड़कों पर भड़ास निकलता फिरता घूमता था. अब लोग इन हीरों से ज़्यादा पुलिस पर भरोसा करते हैं. पुलिस की हिंसा को रोकने के लिए भी कठोर नियम बनाए जा चुके हैं. जिनमें एक नियम यह है कि जब तक कोई खतरा न हो पुलिस की बन्दूक सील रहेगी. पुराने हीरो रिटायर हो चुके हैं या जेल में हैं. Dr. Manhattan पृथ्वी छोड़ कर मंगल ग्रह पर चला जाता है. Rorschach को मैनहट्टन मार देता है क्योंकि वह ozymandias की हक़ीक़त जानता है और इसे वह दुनियां के सामने लाना चाहता है. उसका मानना होता है कि –

‘बुराई को सज़ा मिलनी ही चाहिए… इस बात पर मैं कोई समझौता नहीं करूंगा (Evil must be punished…I shall not compromise in this).

Seventh Kavalry का मानना होता है कि अगर Rorschach इस हक़ीक़त को दुनियां को बता देता तो राष्ट्रपति Robert Redford कभी नहीं जीतते और Redfordations Act (lifetime tax exemption) के तहत काले अमेरिकियों को कभी सुविधाएं नहीं मिलती. Seventh Kavalry (white supremacist group) के गोरे अपनी नस्लीय सर्वोच्चता को बनाए रखने के लिए काले लोगों पर हमला करते हैं. पुलिस उनको रोकना चाहती है तो वह एक दिन पुलिस के घर वालों पर हमला कर देते हैं. इस घटना को ‘White Night’ की घटना के रूप में जाना जाता है. इस घटना के बाद ‘DoPA – the Defense of Police Act’ पास होता है. इस कानून के तहत पुलिस अपनी पहचान छुपाने के लिए नकाब पहनना शुरू कर देती है. Seventh Kavalry के नस्ली गुंडों को लगता है कि अमेरिका में एक गोरे की ज़िंदगी एक काले की ज़िंदगी से बहुत मुश्किल है. इस बात को न्यूज़पेपर और टी.वी चैनल भी बढ़ावा देते हैं. अल्पसंख्यक के ख़िलाफ़ बहुसंख्यक की ये भावना हर देश में कमोबेश ऐसी ही मिलती है. Seventh Kavalry को रोकने के लिए कमिश्नर Judd Crawford और पुलिस के कुछ स्पेक्टर साथ आते हैं जिनमे Looking Glass, Red Scare Pirate Jenny और सबसे महत्वपूर्ण Sister Night (Angela Abar) होती हैं. Angela Abar इस सीरीज़ की मुख्य किरदार हैं. इनके जरिए जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है हम अमेरिका की तीन पीढ़ियों में समान रूप से रची-बसी (गोरों का वर्चस्वाद) White supremacy के गवाह बनते हैं. 1921 में गोरे हत्यारों का नाम ‘कु क्लास क्लेन’ होता है. 1950-60 में उनका नाम Cyclone होता है तो 2019 में उनका नाम Seventh Kavalry होता है. जब आप को लगता है कि नस्लवाद समाप्त हो चुका है तो वह आपको किसी शानदार कालीन के नीचे नज़र आ ही जाता है. ‘वॉचमैन’ (Watchmen) आप को अमेरिकी नस्लवाद की गहराइयों में ले जाती है. ये मान लेना कि दासता समाप्त होने के बाद सभी लोगों ने नस्लीय सर्वोच्चता के विचार को छोड़ दिया, एक मूर्खता होगी. ‘वॉचमैन’ (Watchmen)  बहुत ही अच्छे तरीके से नस्लवाद का प्रश्न को सुपर हीरो की दुनिया उठाती है. इस सीरीज़ को एक रूपक के रूप देखा जाना चाहिए. जो वर्तमान में मौजूद हर देश के शोषकों के चरित्र को दर्शाती है. धार्मिक-जातिय-नस्लीय सर्वोच्चता के नए आयामों को दिखाती है.

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यह लेख 19 अप्रैल 2020 को hindi.roundtableindia.co.in पर प्रकाशित हो चुका है।

1 comments On सुपर हीरो की दुनिया में नस्लवाद: ‘वॉचमेन’ की समीक्षा

  • आपकी लेखनशैली को साक्षात् मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त है। फिल्म समीक्षा पढते पढते मन में स्वतः ही फिल्म जीवंत हो उठती है।

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