क्यों नींद का त्याग कर्मठता नहीं, अज्ञानता है
यह लेख आधुनिक समाज में कम नींद को मेहनत का प्रतीक मानने वाली सोच पर सवाल उठाता है। लेखक अपने अनुभव और आधुनिक स्लीप साइंस के आधार पर बताते हैं कि पर्याप्त नींद मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की अनिवार्य शर्त है। शिक्षा व्यवस्था और जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए वे कहते हैं कि सफलता नींद की बलि देकर नहीं, बल्कि प्रकृति के नियमों के साथ तालमेल बिठाकर ही हासिल की जा सकती है।
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