तेहरान का अंधेरा: तानाशाही के दमन और विदेशी साम्राज्यवाद के बीच पिसता ईरान
ईरान जनवरी 2026 में गंभीर संकट से गुजर रहा है—इंटरनेट बंद है, सड़कों पर दमन जारी है और 500 से अधिक मौतों व हजारों गिरफ्तारियों ने हालात को गृहयुद्ध जैसी स्थिति बना दिया है। जनता महंगाई, मुद्रा गिरावट और अमेरिकी प्रतिबंधों से उत्पन्न आर्थिक तबाही के खिलाफ भूख के विद्रोह में उतर आई है। दूसरी ओर अमेरिका और इज़रायल इस अस्थिरता को अपने भू-राजनीतिक हितों के लिए भुनाना चाहते हैं, ताकि ईरान को कमजोर कर सत्ता परिवर्तन कराया जा सके। ईरानी अवाम मौजूदा शासन और बाहरी हस्तक्षेप—दोनों के बीच पिस रही है, जबकि देश की संप्रभुता खतरे में है।
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