खामेनेई के बाद का ईरान: रिजजीम चेंज’ के पश्चिमी भ्रम और सैन्य तंत्र की उभरती चुनौती
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या ने पश्चिम एशिया की राजनीति को झकझोर दिया है। यह घटना केवल एक नेता की मृत्यु नहीं, बल्कि चार दशकों से चले आ रहे ईरानी सत्ता-विन्यास और ‘प्रतिरोध की धुरी’ के युग का अंत भी है। लेख में इस हमले के बाद बने रणनीतिक शून्य, IRGC के बढ़ते प्रभाव, अरब देशों की प्रतिक्रिया, AI-आधारित युद्ध और ईरान के भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण किया गया है।
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