Tag: partition

भाग-दो : द्विराष्ट्र सिद्धांत और पसमांदा प्रतिरोध

डा. फैयाज अहमद फैजी के अनुसार, 1940 के दशक में मोमिन कॉन्फ्रेंस और पसमांदा नेतृत्व ने मुस्लिम लीग के द्विराष्ट्र सिद्धांत का मुखर विरोध किया। आसिम बिहारी और अब्दुल कय्यूम अंसारी जैसे नेताओं ने पसमांदा समाज को सांप्रदायिक राजनीति से सावधान करते हुए लोकतांत्रिक और साझा राष्ट्रवाद की राह दिखाई। 1946 के चुनाव में सीमित मताधिकार और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मोमिन कॉन्फ्रेंस की चुनावी सफलता पसमांदा प्रतिरोध की महत्वपूर्ण मिसाल बनी।

Read More

देश की आज़ादी: भारतीय समाज और सिनेमा में विभाजन के दृश्य

15 अगस्त 1947 को मिली आज़ादी के साथ ही भारत ने विभाजन का ज़हर भी झेला। साहित्य और सिनेमा ने इस त्रासदी को दर्ज किया, लेकिन हिंदी फिल्मों में इसका चित्रण अधूरा रहा। शुरुआती दौर की फिल्में सतही रहीं, जबकि गर्म हवा, तमस, पिंजर और मंटो जैसी कृतियों ने कुछ संवेदनशील दृष्टिकोण दिए। फिर भी पसमांदा मुसलमान—जो सबसे अधिक हिंसा, विस्थापन और भुखमरी के शिकार थे—लगभग ग़ायब रहे। सिनेमा ने उन्हें न पीड़ित, न नायक के रूप में स्थान दिया। यदि सिनेमा को सचमुच ऐतिहासिक दस्तावेज़ बनना है, तो उसे पसमांदा समाज की आवाज़ भी सामने लानी होगी।

Read More
Loading