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शब्बीर अहमद अंसारी: पसमांदा चेतना के अग्रदूत
शब्बीर अहमद अंसारी का जीवन संघर्ष, संवैधानिक चेतना और सामाजिक न्याय की एक प्रेरक कथा है। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर उन्होंने मुस्लिम समाज के भीतर मौजूद जातीय असमानताओं को पहचानते हुए चार दशकों तक पसमांदा वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनका निधन केवल एक व्यक्ति की क्षति नहीं, बल्कि एक वैचारिक शून्य है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। उनकी विरासत वंचितों के आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई में सदैव जीवित रहेगी।
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