Category: Health & Wellness

आलस नहीं, परेशानी का संकेत भी हो सकती है ‘बेड-रोटिंग’

‘बेड-रोटिंग’ यानी लंबे समय तक बिस्तर पर पड़े रहना और फोन, रील्स या ऑनलाइन कंटेंट में समय बिताना आजकल चर्चा में है। आराम और बेड-रोटिंग में फर्क समझना ज़रूरी है। जब यह आदत जिम्मेदारियों से बचने, काम टालने या रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो यह चिंता का कारण बन सकती है। जानिए बेड-रोटिंग की वजहें, सोशल मीडिया की भूमिका और इससे बाहर निकलने के आसान तरीके।

Read More

विक्टिम मेंटैलिटी से बाहर निकलने की मेरी कहानी

यह लेख असफलताओं, रिश्तों के टूटने और लगातार नकारात्मक अनुभवों से पैदा होने वाली ‘विक्टिम मेंटैलिटी’ से बाहर निकलने की व्यक्तिगत यात्रा को सामने रखता है। लेखक बताते हैं कि शुक्रगुजारी, सकारात्मक self-talk, छोटे कदम, माफी और दूसरों की मदद जैसे तरीकों ने उन्हें मानसिक लाचारी से उबरने में मदद की। संदेश स्पष्ट है—अतीत की चोटें हमारी जिम्मेदारी नहीं, लेकिन आज को बदलने की जिम्मेदारी हमारी है।

Read More

क्यों नींद का त्याग कर्मठता नहीं, अज्ञानता है

यह लेख आधुनिक समाज में कम नींद को मेहनत का प्रतीक मानने वाली सोच पर सवाल उठाता है। लेखक अपने अनुभव और आधुनिक स्लीप साइंस के आधार पर बताते हैं कि पर्याप्त नींद मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की अनिवार्य शर्त है। शिक्षा व्यवस्था और जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए वे कहते हैं कि सफलता नींद की बलि देकर नहीं, बल्कि प्रकृति के नियमों के साथ तालमेल बिठाकर ही हासिल की जा सकती है।

Read More
Loading