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सद्दाम के साये से अमेरिका की आमद तक: टर्टल्स कैन ...
Posted by Arif Aziz | Apr 19, 2026 | Movie Review, Reviews | 0 |
मध्य-पूर्व की राजनीति और पाकिस्तान का खेल...
Posted by Arif Aziz | Mar 16, 2026 | Culture and Heritage, Geo Politics | 0 |
गाजा शांति प्रस्ताव: न्याय, पुनर्निर्माण और अस्थिर...
Posted by Arif Aziz | Oct 28, 2025 | Culture and Heritage, Political | 0 |
समीक्षा: The Terminal List: Dark Wolf...
Posted by Arif Aziz | Aug 31, 2025 | Movie Review, Reviews | 0 |
हॉलीवुड, पश्चिमी मीडिया और ईरान: छवि निर्माण की रा...
Posted by Abdullah Mansoor | Jun 21, 2025 | Movie Review, Poetry and literature, Political, Reviews | 0 |
वाइस: अफगनिस्तान और ईराक को तबाह करने वाले डिक चेनी की कहानी
by Arif Aziz | May 10, 2026 | Movie Review, Reviews | 0 |
फिल्म *Vice* के बहाने यह लेख सत्ता, युद्ध और कॉर्पोरेट गठजोड़ की भयावह सच्चाई को उजागर करता है। डिक चेनी के किरदार के जरिए दिखाया गया है कि कैसे डर, मीडिया और राजनीति का इस्तेमाल कर युद्धों को मुनाफे के कारोबार में बदला गया। यह सिर्फ एक फिल्म समीक्षा नहीं, बल्कि लोकतंत्र, जनमत और हथियार उद्योग के खतरनाक गठबंधन पर गहरी वैचारिक पड़ताल है।
Read Moreसद्दाम के साये से अमेरिका की आमद तक: टर्टल्स कैन फ्लाई और कुर्द बच्चों की दास्तान
by Arif Aziz | Apr 19, 2026 | Movie Review, Reviews | 0 |
फिल्म ‘टर्टल्स कैन फ्लाई’ के जरिए युद्ध की भयावह सच्चाई और उसके सबसे निर्दयी शिकार—बच्चों—की त्रासदी को बेहद मार्मिक ढंग से सामने लाता है। बहमन घोबादी की संवेदनशील प्रस्तुति दिखाती है कि कैसे बारूदी सुरंगों, हिंसा और असुरक्षा के बीच पलते ये बच्चे बचपन से पहले ही बड़े हो जाते हैं। सैटेलाइट, अग्रिन और हेंगोव जैसे किरदार उम्मीद, पीड़ा और टूटे भ्रम का प्रतीक बनकर उभरते हैं, जो अंततः यह सवाल छोड़ जाते हैं कि क्या किसी भी युद्ध की जीत इंसानियत की इस हार से बड़ी हो सकती है।
Read Moreमध्य-पूर्व की राजनीति और पाकिस्तान का खेल
by Arif Aziz | Mar 16, 2026 | Culture and Heritage, Geo Politics | 0 |
मध्य-पूर्व की राजनीति अक्सर “मुस्लिम उम्मत” के नारों में लिपटी दिखाई देती है, लेकिन हकीकत में यह राष्ट्रीय हितों, सुरक्षा चिंताओं और सत्ता की कठोर राजनीति से संचालित होती है। खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था, पश्चिमी ताकतों पर उनकी निर्भरता और पाकिस्तान की “सैन्य सेवा” वाली भूमिका इसी यथार्थ को उजागर करती है। अगर पाकिस्तान ईरान के खिलाफ किसी युद्ध में उतरता है, तो यह केवल दो देशों का टकराव नहीं होगा, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता को झकझोर सकता है।
Read Moreगाजा शांति प्रस्ताव: न्याय, पुनर्निर्माण और अस्थिर भविष्य
by Arif Aziz | Oct 28, 2025 | Culture and Heritage, Political | 0 |
लेखक: अब्दुल्लाह मंसूर गाजा में युद्धविराम की घोषणा केवल बंदूकों की गूंज का शांत होना नहीं है। यह...
Read Moreसमीक्षा: The Terminal List: Dark Wolf
by Arif Aziz | Aug 31, 2025 | Movie Review, Reviews | 0 |
Amazon Prime Video पर 27 अगस्त 2025 को रिलीज़ हुई The Terminal List: Dark Wolf लोकप्रिय सीरीज़ The Terminal List का प्रीक्वल है। यह नेवी सील बेन एडवर्ड्स की कहानी है, जो सीआईए से जुड़कर मिशनों और युद्ध की सच्चाई से जूझता है। आलोचकों के अनुसार, शो हॉलीवुड के पुराने फॉर्मूले पर बना है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों को नायक और अरब देशों को खलनायक दिखाया जाता है। इसमें इराक युद्ध, नागरिक मौतों और अमेरिकी हितों पर सवाल नहीं उठते, बल्कि दर्शकों को भावनात्मक हीरोइज़्म में उलझा दिया जाता है। विशेषज्ञ इसे मनोरंजन से अधिक सांस्कृतिक प्रोपेगेंडा और पश्चिमी हस्तक्षेप को नैतिक ठहराने का साधन मानते हैं।
Read Moreहॉलीवुड, पश्चिमी मीडिया और ईरान: छवि निर्माण की राजनीति
by Abdullah Mansoor | Jun 21, 2025 | Movie Review, Poetry and literature, Political, Reviews | 0 |
**100 शब्दों में सारांश (हिंदी में):**
आज की दुनिया में युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि छवियों, फिल्मों और मीडिया के ज़रिए भी लड़े जाते हैं। हॉलीवुड और पश्चिमी मीडिया ने एक वैचारिक “छवि युद्ध” छेड़ा है, जिसमें ईरान जैसे देशों को खलनायक, पिछड़ा और असहिष्णु दिखाया जाता है। *Argo*, *Homeland* जैसी फ़िल्में इस छवि को मज़बूत करती हैं। यह सिर्फ़ मनोरंजन नहीं, बल्कि अमेरिकी सॉफ्ट पावर और वैश्विक जनमत निर्माण की रणनीति है। एडवर्ड सईद के “ओरिएंटलिज़्म” सिद्धांत के अनुसार, पश्चिम अक्सर पूर्व को नीचा दिखाता है। इसलिए जरूरी है कि दर्शक फिल्मों और मीडिया को आलोचनात्मक नजरिए से देखें और सच व प्रचार में फर्क करना सीखें।
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