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‘प्राउड आर ®’विवाद: एसी कमरों का ‘छद्म फेमिनिज्म’
by Arif Aziz | Jan 16, 2026 | Social Justice and Activism | 0 |
सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर दिविजा भसीन द्वारा शुरू किया गया “#ProudRandi” ट्रेंड एक खतरनाक डिजिटल भ्रम साबित हुआ। अपमानजनक शब्द “रंडी” को ‘रिक्लेम’ करने के नाम पर नाबालिग लड़कियों तक को अश्लील, वयस्क और शोषक भाषा अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे POCSO तक के मामले दर्ज हुए। यह आंदोलन फेमिनिज्म नहीं, बल्कि रेज-बेटिंग और वायरलिटी का खेल था। इसने देह-व्यापार और जातिगत शोषण झेल रही हाशिए की महिलाओं के दर्द का मज़ाक बनाया। असली नारीवाद सम्मान, बराबरी और सामाजिक बदलाव की बात करता है—न कि गालियों को ‘सशक्तिकरण’ बनाकर बच्चों को यौनिककरण की ओर धकेलने की।
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