Tag: MentalHealthMatters
हर इंसान की सोच और भावनाएं अलग क्यों होती हैं?...
Posted by Abdullah Mansoor | Apr 17, 2025 | Miscellaneous | 0 |
क्यों नींद का त्याग कर्मठता नहीं, अज्ञानता है
by Arif Aziz | Jul 9, 2026 | Education and Empowerment | 0 |
यह लेख आधुनिक समाज में कम नींद को मेहनत का प्रतीक मानने वाली सोच पर सवाल उठाता है। लेखक अपने अनुभव और आधुनिक स्लीप साइंस के आधार पर बताते हैं कि पर्याप्त नींद मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की अनिवार्य शर्त है। शिक्षा व्यवस्था और जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए वे कहते हैं कि सफलता नींद की बलि देकर नहीं, बल्कि प्रकृति के नियमों के साथ तालमेल बिठाकर ही हासिल की जा सकती है।
Read Moreहर इंसान की सोच और भावनाएं अलग क्यों होती हैं?
by Abdullah Mansoor | Apr 17, 2025 | Miscellaneous | 0 |
लेखक : अब्दुल्लाह मंसूर हम सबने कभी न कभी यह सोचा है कि एक ही घटना सब लोगों पर अलग-अलग असर क्यों...
Read Moreमानसिक स्वास्थ्य: क्या, क्यों, कैसे
by Abdullah Mansoor | Jul 4, 2024 | Miscellaneous | 0 |
जरा सोचें कि हमारा दलित बहुजन पसमांदा समाज बिना किसी सामाजिक आर्थिक पूंजी के किस तरह मानसिक दबाव को झेल रहा होता है। शोषक वर्ग कभी भी शोषित समाज के लिए करुणा का भाव नहीं रखता। इसलिए हमारी लड़ाई दो अलग-अलग मोर्चों पर जारी है। एक तो हम समाज में अपनी पहचान की लड़ाई लड़ रहे हैं और दूसरी तरफ हम खुद के प्रति शोषण, अपमान, निरादर से हुए मानसिक आघात से लड़ रहे हैं। भारत के परिप्रेक्ष्य में, जहां जातिगत भेदभाव से जुड़ी मनोधारणा पूरे समाज में ज़हर की तरह फैली हुई है, यह और भी ज्यादा जरूरी है कि दलित बहुजन पसमांदा अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति पहले से सजग रहे। इस मानसिक संघर्ष में हम अकेले न पड़ें, इसलिए हमें आपस में आंदोलन के साथ-साथ इस विषय पर भी बात करने की जरूरत है।
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